Thursday, June 14, 2018

मिलोगी जहां वहीं बाहों में भर लें

बेखुदी की जिंदगी अब बहुत जी ली हमने अब थोड़ी आशिक़ी भी कर लें,
दिल की बात भी बहुत हो गयी अब थोड़ी दिल्लगी भी कर लें,
बच के कहाँ जाओगी मेरी नजरों से,
मिलोगी जहाँ वही बाहों में भर लें

Monday, June 11, 2018

ऐ मेरे यार तुझ पर न जाने कितनों की नज़र है

ऐ मेरे यार तुझ पर न जाने कितनों की नज़र है,
ओर उन नज़रों में एक मेरी भी नज़र है,
तझे नही पता किस नज़र में असर है,
असर है जिस नजर में वो मेरी नजर है

तेरे गाल पर जो एक तिल है,
इसी ने तो लूटा मेरा दिल है,
ओ बेखबर एक नज़र इधर भी देख ले,
मेरे दिल में भी तेरे लिए घर है,,

ये इशके नज़र है,
ये इश्के नज़र है

तू दिल की हर धड़कन है मेरे लिए,
तू न मिली तो जियूँगा किसके लिए,
मांग लूंगा तुझे रब से में चाहे मिले पल भर के लिये,

दिखा दूंगा तुझको भी में, मेरी मोहब्बत में कितना असर है,
ये इश्के नज़र है, ये इश्के नज़र है,

अकबर

Friday, June 1, 2018

तड़पता तो आज भी हूँ

तुझे नही पता तड़पता तो मैं आज भी हुँ,
जिस दिन तुझे न देखूं, तो मचलता तो मैं आज भी हूँ,

क्या समझाऊं ओर कैसे समझाऊ, कि जिन्दा हूँ,
पर तुझ पर मरता तो मैं आज भी हूँ,


ओर तझे याद है कहाँ मिले थे हम,
उसी गली से गुजरता तो मैं आज भी हूँ,

तू ना समझेगी ओर न समझ पाएगी,
एक राज था  मैं, और एक राज ही हूँ,,,,,

अकबर

मेरे साले

मेरी शादी में मेहमान मुझे अजब निराले मिले। दहेज में एक बीवी ओर दो साले मिले।। ओर मेरी सासु मां ने जो दिए थे चाँदी के सिक्के। खोल के जो दे...