Showing posts with label Nazar. Show all posts
Showing posts with label Nazar. Show all posts

Saturday, July 21, 2018

भवरे तो हमने भी पाल रखे हैं

नज़र मिले न मिले दिल तो हमने पहले ही मिला रखे हैं,
कैसे न नज़र पड़े तुम पर हमारी गजरे में फूल तो आपने ही खिला रखे हैं,

ओर ये कैसे कहा आपने कि आपको पाना है मुश्किल,
गजरे में फूल आपने खिला रखे हैं, तो भवरे हमने भी पाल रखे हैं.

अकबर

मेरे साले

मेरी शादी में मेहमान मुझे अजब निराले मिले। दहेज में एक बीवी ओर दो साले मिले।। ओर मेरी सासु मां ने जो दिए थे चाँदी के सिक्के। खोल के जो दे...