नज़र मिले न मिले दिल तो हमने पहले ही मिला रखे हैं,
कैसे न नज़र पड़े तुम पर हमारी गजरे में फूल तो आपने ही खिला रखे हैं,
ओर ये कैसे कहा आपने कि आपको पाना है मुश्किल,
गजरे में फूल आपने खिला रखे हैं, तो भवरे हमने भी पाल रखे हैं.
अकबर
नज़र मिले न मिले दिल तो हमने पहले ही मिला रखे हैं,
कैसे न नज़र पड़े तुम पर हमारी गजरे में फूल तो आपने ही खिला रखे हैं,
ओर ये कैसे कहा आपने कि आपको पाना है मुश्किल,
गजरे में फूल आपने खिला रखे हैं, तो भवरे हमने भी पाल रखे हैं.
अकबर
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