नज़र मिले न मिले दिल तो हमने पहले ही मिला रखे हैं,
कैसे न नज़र पड़े तुम पर हमारी गजरे में फूल तो आपने ही खिला रखे हैं,
ओर ये कैसे कहा आपने कि आपको पाना है मुश्किल,
गजरे में फूल आपने खिला रखे हैं, तो भवरे हमने भी पाल रखे हैं.
अकबर
मेरी शादी में मेहमान मुझे अजब निराले मिले। दहेज में एक बीवी ओर दो साले मिले।। ओर मेरी सासु मां ने जो दिए थे चाँदी के सिक्के। खोल के जो दे...
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