सच बोलने वालो अब झूठ बोलना सीख लो,
ओर मेहनत से काम करने वालो तुम भी आराम करना सीख लो,
मंज़िल का क्या वो तो मिल ही जाएगी,
कुछ मत करो बस चमचागिरी सीख लो,
इसे सीखना तो कहीं मत जाओ,
बस अपने ही आस पास देख लो,
एक न एक चमचागिरी करते मिल ही जाएगा,
बस उसी से सीख लो,
जो काम कम और जी हुजूरी ज्यादा करे,
मेहनत न करे फिर भी मेहनत का वादा करे,
बस वही सबसे बड़ा चमचा है,
जो बरसे कम, ओर गरजा ज्यादा करे,
अब तो पता चल ही गया होगा,
की चमचा कैसा होता है,
ये कोई फरिस्ता नही बस इंसान जैसा होता है,
शेर की तरह जीना है, तो खुद्दार बनना सीख लो,
ओर दुनिया सलाम करेगी, चमचागिरी छोड़ो, खुद राह बनाना सीख लो....
अकबर
Awesome
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