तू कितनी खूबसूरत है तुझे नही पता,
लगता है जैसे कोई फूल अभी अभी खिला,
तेरे ही जैसे फूल की जरूरत थी हमको,
शुक्र है खुदा जो आज तू मिला,,
तेरी खुसबू तो खिलने से ही पहले आने लगी,
जैसे सांस जाने के बाद आने लगी,
ऐ फूल तू ऐसे ही महकते रहना,
नही आने वाली सांस भी चली जायेगी वरना,
फिर क्या पता ओर कोई ऐसा फूल चमन में न खिला,
तू कितनी खूबसूरत है तुझे नहीं पता,
लगता है जैसे कोई फूल अभी अभी खिला,,
में गर फूल हु तो तू भंवरा है मेरा,
तेरे आने से खिलता है चेहरा मेरा,
तू रोज आते रहना में रोज खिलती रहूंगी,
तू रोज खुसबू लेना में रोज महकती रहूंगी,,
तेरे जैसा कोई भंवरा भी आज तक मुझे न मिला,
तू कितना खूबसूरत है तुझे नही पता,,
अकबर
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