जब वो बदल गयी तो हम भी बदल गए।
अच्छा हुआ जो जल्दी संभाल गए।।
मोहब्त करके हमें क्या हुआ है हासिल।
यूँ समझ लो जो हमसे पीछे थे वो आगे निकल गए।।
ओर उस दिन में सब कुछ हारने ही वाला था।
अच्छा हुआ जो हैम अपनी चाल बदल गए।।
ओर उसकी तपिस क्या थी दोस्तो।
अपने तो सारे अरमान ही जल गए।।
अकबर
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