ऐ मेरे यार तुझ पर न जाने कितनों की नज़र है,
ओर उन नज़रों में एक मेरी भी नज़र है,
तझे नही पता किस नज़र में असर है,
असर है जिस नजर में वो मेरी नजर है
तेरे गाल पर जो एक तिल है,
इसी ने तो लूटा मेरा दिल है,
ओ बेखबर एक नज़र इधर भी देख ले,
मेरे दिल में भी तेरे लिए घर है,,
ये इशके नज़र है,
ये इश्के नज़र है
तू दिल की हर धड़कन है मेरे लिए,
तू न मिली तो जियूँगा किसके लिए,
मांग लूंगा तुझे रब से में चाहे मिले पल भर के लिये,
दिखा दूंगा तुझको भी में, मेरी मोहब्बत में कितना असर है,
ये इश्के नज़र है, ये इश्के नज़र है,
अकबर
Bahut khoob, lage raho
ReplyDeleteHan sir koshis to puri h
DeleteWah..
ReplyDeleteThanks all of you
ReplyDeleteWoww
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